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सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से पीड़ित लोगों को 8 से 10 महीने के इलाज में पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है।
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• गà¥à¤°à¥€à¤• शबà¥à¤¦ है, जिसका मतलब है 'सà¥à¤ªà¥à¤²à¤¿à¤Ÿ माइंड'। सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• मनोरोग है जो किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में मानसिक विकार के बारे में बताता है। इस विकार से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता या फिर अपनी बात जाहिर करने में परेशानी होती है और ये सामाजिक व वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• दोनों ही पà¥à¤°à¤•ार से परेशानी का सामना करते हैं। सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ आम तौर पर बिना सोचे समà¤à¥‡ कà¥à¤› à¤à¥€ कहने और à¤à¥à¤°à¤® जैसी दà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ में जीते हैं। हालांकि सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ माना जाता है लेकिन जब बात दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° की होती है तो हालात काफी परेशान करने वाले पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤ होते हैं। विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन (डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“) के आंकड़ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में 20 लाख लोग सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हैं। और रोगों से तà¥à¤²à¤¨à¤¾ की जाठतो à¤à¤²à¥‡ ही इसके मामले कम हो लेकिन सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤•ा की वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤•ता अधिक है। चूंकि यह à¤à¤• कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• मानसिक बीमारी है इसलिठइसके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ वरà¥à¤· मामलों की संखà¥à¤¯à¤¾ बहà¥à¤¤ कम होती है, लेकिन बहà¥à¤¤ सारे लोग वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से पीड़ित हैं।
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के बारे में समाज के à¤à¥€à¤¤à¤° बहà¥à¤¤ सारी गलत धारणाà¤à¤‚ मौजूद हैं। बता दें कि सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का मतलब ये बिलà¥à¤•à¥à¤² नहीं है कि आपकी सà¥à¤ªà¥à¤²à¤¿à¤Ÿ परà¥à¤¸à¤¨à¥ˆà¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ है या फिर आपको मलà¥à¤Ÿà¥€à¤ªà¤² परà¥à¤¸à¤¨à¥ˆà¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ डिसऑरà¥à¤¡à¤° है। सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से पीड़ित लोग न तो खतरनाक होते हैं और न ही हिंसक होते हैं, इनका बरà¥à¤¤à¤¾à¤µ सामानà¥à¤¯ आबादी की ही तरह समान होता है। हालांकि कई बार à¤à¤¸à¥‡ लोग सामाजिक मनोवृतà¥à¤¤à¤¿ का शिकार हो जाते हैं। सही उपचार या रोगी की देखà¤à¤¾à¤² में कमी रोग को बढ़ाने का काम करती है।
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° मानसिक बीमारी है, जिसमें वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को निरंतर अंतराल पर दौरे पड़ते हैं। सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से पीड़ित लोगो को बेहतर जीवन देने के लिठविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ जैव-मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•-सामाजिक रणनीतियों का उपयोग किया जा सकता है। अचà¥à¤›à¤¾ समरà¥à¤¥à¤¨, थेरेपी और उपचार से लोग के वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में बहà¥à¤¤ सà¥à¤§à¤¾à¤° दिखाई दे सकता है और वे हेलà¥à¤¦à¥€ जीवन जी सकते हैं।
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के पà¥à¤°à¤•ार
पैरानॉयड सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ (Paranoid schizophrenia)
पैरानॉयड सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को संदेह, जà¥à¤¨à¥‚न या à¤à¥à¤°à¤® की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है और à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में वह वैसा ही करने लगता है, जो उसे सही लगता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° अजीब तरह से हो सकता है और उसकी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ ठीक नहीं होती है और सामानà¥à¤¯ जीवन से उसका जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ बहà¥à¤¤ कम दिखाई देता है।
कैटेटोनिक सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ (Catatonic schizophrenia)
कैटेटोनिक सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ मानसिक, शारीरिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से बिलà¥à¤•à¥à¤² कà¥à¤‚द हो जाता है, इतना ही नहीं उसके चेहरे पर बहà¥à¤¤ कम या फिर कोई चेहरे पर कोई à¤à¤¾à¤µ ही नहीं होता है। उदाहरण के तौर पर वे लंबे समय तक नहीं चल सकता। उसमें खाने, पीने या पेशाब जाने तक की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ नहीं पैदा होती है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ कैटेटोनिया कई घंटों तक रहता है, जिसके कारण उनके असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² जाने की नौबत तक आ जाती है।
अपरिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ (Undifferentiated schizophrenia)
अपरिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में कई पà¥à¤°à¤•ार के लकà¥à¤·à¤£ होते हैं जो à¤à¤• से अधिक पà¥à¤°à¤•ार के सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में आते हैं।
हेबेफेरेनिक सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ (Hebephrenic schizophrenia)
यह सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का वह रूप है जिसमें रोगी के à¤à¥€à¤¤à¤° à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• परिवरà¥à¤¤à¤¨, à¤à¥à¤°à¤® और वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में बदलाव, गैर-जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° और अपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° जैसे लकà¥à¤·à¤£ बिलà¥à¤•à¥à¤² सामानà¥à¤¯ होते हैं। इन रोगियों का मन हमेशा उदास रहता है और कà¤à¥€ à¤à¥€ मौजूदा सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से मेल नहीं खाता है। हालांकि रोगी कà¤à¥€-कà¤à¥€ गरà¥à¤µ, मà¥à¤¸à¥à¤•राहट, शरारत और आपकी होली गई बातों को दोहरा सकता है।
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से पीड़ित लोगों में अलग-अलग पà¥à¤°à¤•ार के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं। यह अपने आप आ सकते हैं या फिर खà¥à¤¦-ब-खà¥à¤¦ चले à¤à¥€ जाते हैं। इसके अलावा पूरे जीवनकाल में ये लकà¥à¤·à¤£ केवल दो या तीन बार हो सकते हैं। इस रोग की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में, लकà¥à¤·à¤£ अचानक और गंà¤à¥€à¤° à¤à¥€ हो सकते हैं।
साइकोटिक फेज के दौरान रोगी वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता को कई हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में समठसकता है। ये लकà¥à¤·à¤£ रोजमरà¥à¤°à¤¾ के जीवन में दिखाई सकते हैं। ये लकà¥à¤·à¤£ आवशà¥à¤¯à¤• गतिविधियों के दौरान जैसे कि काम करने, खाना खाने, या आस-पास घूमते वकà¥à¤¤ à¤à¥€ दिखाई दे सकते हैं। कà¥à¤› गंà¤à¥€à¤° मामलों में काम करने जैसी गतिविधियां à¤à¥€ सीमित दिखाई दे सकते हैं।
साइकोटिक फेज में दिखाई देने वाले लकà¥à¤·à¤£ हैं:
1-पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को देखने, सà¥à¤¨à¤¨à¥‡, महसूस करने या कà¥à¤› चीजों की गंध आà¤à¤—ी लेकिन वो वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• नहीं होती हैं।
2-à¤à¥à¤°à¤® की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ रहती है, जहां अजीब चीजें महसूस होती हैं, जो बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥‚ठी होती हैं।
3-पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के मन में खà¥à¤¯à¤¾à¤² अचानक à¤à¤• से दूसरी जगह पर चला जाता है।
4-मौजूदा हालात के साथ उचित à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं, विचारों और मनोदशा का महसूस न होना।
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से पीड़ित लोगों को ये चीजें à¤à¥€ अनà¥à¤à¤µ होती हैंः
1-à¤à¤• वकà¥à¤¤ में बहà¥à¤¤ सारी ऊरà¥à¤œà¤¾ दिखाना या फिर कैटाटैनिक बनना। ये à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ है जिसमें शरीर बहà¥à¤¤ कठोर हो जाता है।
2-à¤à¤¸à¥€ चीजें बोलना, जिसके बारे में समठही नहीं होना।
3-हाथ-पैर न धोना और खà¥à¤¦ को सही तरीके से बनाकर रखना।
4-खà¥à¤¦ को अलग-थलग रखना।
5-कारà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¥à¤²à¥‹à¤‚, जहां à¤à¥€à¤¡à¤¼-à¤à¤¾à¤¡à¤¼ हो, वहां पर कारà¥à¤¯ करने या अनà¥à¤¯ गतिविधियों को करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ खो देना।
6-जीवन में कम रà¥à¤šà¤¿ दिखाना।
7-अवसाद के लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देना या मूड में बदलाव होना।
8-शारीरिक रूप से निषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯ होना।
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण और जोखिम कारक
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का कारण
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का कोई à¤à¤• कारण नहीं है। à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के पीछे परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ और आनà¥à¤µà¤‚शिक जैसे कà¥à¤› कारक योगदान देते हैं। सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के पीछे मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक होता है और इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के लिठमानसिक बीमारी से पीड़ित रोगी के रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° à¤à¥€ इसी बीमारी से पीड़ित देखे जाते हैं। हालांकि, अनà¥à¤¯ नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिकà¥à¤² कारक à¤à¥€ हैं जो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में योगदान देते हैं। सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ और रिकवरी में मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• और परिवार का माहौल à¤à¥€ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾ सकता है।
जोखिम कारक
पूरे जीवनकाल में सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ लगà¤à¤— 1% होती है। इसलिठये कहा जा सकता है कि सौ में से सिरà¥à¤« à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को ही अपने जीवनकाल में सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ जैसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का सामना करना पड़ता है। यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ और महिलाओं दोनों में समान रूप से पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ है। पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में ये रोग आमतौर पर 10 से 25 वरà¥à¤· की आयॠके बीच पाया जाता है जबकि महिलाओं में यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ 25 से 35 वरà¥à¤· की आयॠके बीच अधिक आमतौर पर देखने को मिलती है।
मादक पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन à¤à¥€ सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारण हो सकता है। वे लोग, जो नशा करते हैं उनमें नशा नहीं करने वालों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का जोखिम छह गà¥à¤¨à¤¾ अधिक होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है।
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की रोकथाम
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ जैसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को रोका नहीं जा सकता है हालांकि इसके जोखिम को कम करने के लिठकà¥à¤› उपाय जरूर किठजा सकते हैं। नशे का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— और तनाव जैसे जोखिम कारक à¤à¥€ सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में योगदान कर सकते हैं, इसलिठइनसे बचना à¤à¥€ सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ जैसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के जोखिम को कम करता है। रोग का शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में ही पता लगाने और उचित देखà¤à¤¾à¤² से इसे बढ़ने से रोका जा सकता है।
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का निदान
इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पता लगाने का कोई निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ मेडिकल टेसà¥à¤Ÿ नहीं है। सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का पता रोगी की केस हिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ और उसके मानसिक हालात को देखकर ही लगाया जाता है। इस रोग का पता लगाने के लिठफà¥à¤² साइकेटà¥à¤°à¤¿à¤• इवैलà¥à¤¯à¥à¤¶à¥‡à¤¨, मेडिकल हिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ का मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन और फिजिकल टेसà¥à¤Ÿ किठजाते हैं। मरीज में किसी पà¥à¤°à¤•ार के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का पता लगाने के लिठलैब परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का उपयोग à¤à¥€ किया जाता है।
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का पता लगाने को लेकर जरूरी बातें
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का पता लगाने के लिठरोगी में कम से कम 30 दिनों तक निमà¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से दो या उससे अधिक लकà¥à¤·à¤£ मौजूद होने चाहिà¤:
1-बà¥à¤°à¥‡-बà¥à¤°à¥‡ सपने आना
2-à¤à¥à¤°à¤® की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ रहना
3-बोलने में दिकà¥à¤•त होना
4-कैटाटैनिक वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°
5-नकरातà¥à¤®à¤• या फिर उदासीन शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—
रोग का पता लगाने के अनà¥à¤¯ मानदंड हैं:
1-काम या सà¥à¤•ूल में अनà¥à¤¯ लोगों से संबंधित महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚, या खà¥à¤¦ की देखà¤à¤¾à¤² करने में समसà¥à¤¯à¤¾à¥¤
2-कम से कम à¤à¤• महीने तक सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के साथ बीते छह महीने से सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देना।
3-à¤à¤²à¥‡ ही कोई अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ न हो लेकिन नशे की लत या फिर मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ विकार à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का कारण बनता है।
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का इलाज
अगर शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में ही इस रोग की पहचान और उसे कंटà¥à¤°à¥‹à¤² किया जाठतो सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का उपचार काम आ सकता है। दवाओं के साथ सामाजिक और सामà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• सपोरà¥à¤Ÿ उपचार में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ साबित होता है। मरीजों को असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² या फिर मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ में à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ से इस रोग को बढ़ने से रोकने में मदद मिल सकती है। परिवार के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का सपोरà¥à¤Ÿ à¤à¥€ रोग को बढ़ने से रोकने में बहà¥à¤¤ उपयोगी साबित होता है।
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठदी जाने वाली दवा आमतौर पर बà¥à¤°à¥‡ सपने, à¤à¥à¤°à¤®, सनक और à¤à¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ सोच जैसे मनोविकार के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम करने में मदद करती है। सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठफारà¥à¤®à¤¾à¤•ोथेरेपी को विकसित हà¥à¤ वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ बीत चà¥à¤•े हैं और सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के उपचार के लिठबेहद पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ दवाइयां उपलबà¥à¤§ हैं। यह दवाइयां मनोचिकितà¥à¤¸à¤¾ के साथ-साथ पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ की कमी, अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की कमी और सामाजिक जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ में कमी जैसे लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का इलाज करने के लिठà¤à¥€ उपयोगी साबित होती है।
ये थेरेपी तनाव को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² कर और कमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤•ेशन को बेहतर बनाने के साथ-साथ जीवन कौशल को बेहतर बनाने में à¤à¥€ मददगार साबित होती है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ गà¥à¤°à¥à¤ª थेरेपी समान लकà¥à¤·à¤£ वाले समूह को आपस में जोड़कर à¤à¥€ मदद करती है।
जीवनशैली में इन बदलावों को कर सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से उबरने में मिलती है मदद
सामाजिक सपोरà¥à¤Ÿ à¤à¥€ है बहà¥à¤¤ जरूरी
रोगी को शांत करने और तनाव को कम करने के लिठउसे मितà¥à¤°à¥‹à¤‚ और परिवार के साथ जà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ के लिठतरीके सà¥à¤à¤¾à¤à¤‚। अपने दैनिक कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को जारी रखते हà¥à¤ दूसरों के साथ जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ रहना à¤à¥€ लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• सिदà¥à¤§ होता है। सामानà¥à¤¯ दिखने वाले लोगों के साथ समय बिताने से à¤à¥€ फायदा मिलता है। सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से पीड़ित लोग जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ रहने से अपने बारे में अचà¥à¤›à¤¾ महसूस करते हैं।
तनाव को पà¥à¤°à¤¬à¤‚धित करना सीखें
शरीर के कोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥‹à¤² हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ को बढ़ाकर सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण होने वाले तनाव को कम करने में मदद मिलती है। तनाव कम करने के लिठरिलैकà¥à¤¸à¥‡à¤¶à¤¨ पà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ à¤à¥€ काफी मददगार साबित होती है।
à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करें
à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ, फोकस और ऊरà¥à¤œà¤¾ को बढ़ाने और रोगियों को शांत महसूस करने में मदद करती है। चलने, दौड़ने, तैरने, या डांस करने जैसी गतिविधियां मातà¥à¤° दिन में 30 मिनट करने से लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम करने में मदद मिलती है।
उचित नींद लें
नियमित नींद चकà¥à¤° मूड को फà¥à¤°à¥‡à¤¶ बनाठरखने में मदद करता है। रोगी को आठघंटे से अधिक की नींद की सलाह दी जाती है।
नशे के सेवन से बचें
डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸, निकोटीन और अलà¥à¤•ोहल सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को बढ़ाने में मदद कर सकती है। इतना ही नहीं ये कà¥à¤› दवाओं के उपचार के रासà¥à¤¤à¥‡ में à¤à¥€ बाधा पैदा करती हैं।
हेलà¥à¤¦à¥€ खाने की आदत बनाà¤à¤‚
फिश ऑयल, अखरोट और फà¥à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤¸à¤¸à¥€à¤¡à¥à¤¸ से मिलने वाला ओमेगा -3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ आपके धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ को बेहतर बनाने, थकान से बचने और मूड को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने में मदद कर सकते हैं। सही अंतराल पर à¤à¥‹à¤œà¤¨ और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को डाइट में शामिल कर शरीर में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पोषण बनाठरखने में मदद मिल सकती है।
रोग का निदान और जटिलताà¤à¤‚
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ ताउमà¥à¤° रहने वाली à¤à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है, जिसका वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में कोई इलाज नहीं है। हालांकि, इस विकार से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कई सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को सही उपचार, थेरेपी, शिकà¥à¤·à¤¾ और सहायता से पà¥à¤°à¤¬à¤‚धित किया जा सकता है। सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से पीड़ित लोग दूसरे लोगों की तरह ही मजबूत रिशà¥à¤¤à¥‡ रख सकते हैं, सà¥à¤•ूल या काम पर जा सकते हैं और आम लोगों की ही तरह हेलà¥à¤¦à¥€ जीवन जी सकते हैं।
जटिलताà¤à¤‚
अगर इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को बिना उपचार के छोड़ दिया जाठया फिर सही मदद न मिले तो रोग के निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित परिणाम हो सकते हैंः
1-सोच, तरà¥à¤• और याददाशà¥à¤¤ में कमी
2-आतà¥à¤®à¤˜à¤¾à¤¤à¥€ विचार
3-डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨
4-काम करने में असमरà¥à¤¥à¤¤à¤¾ के कारण वितà¥à¤¤à¥€à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚
4-रिशà¥à¤¤à¥‡-नाते खतà¥à¤® हो जाना कनेकà¥à¤¶à¤¨ खोना
5-à¤à¤•ांत में रहना
6-आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°
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